नमस्कार। क्या आपको कभी लगा है कि आप सब कुछ जानते हैं लेकिन वास्तव में कुछ नहीं जानते? क्या आप confusion में रहते हैं? क्या आप कुछ करने की सोचते हैं लेकिन करते नहीं? अगर हाँ, तो आप तमोगुण की गिरफ्त में हो सकते हैं। क्या है तमोगुण? सुनिए। अजय का Denial अजय एक 45 […]
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सचेतन — 26: “रजोगुण — तुम्हें अंदर से कुरेद रहा है””रजोगुण — तुम्हें कभी शांत नहीं रहने देता! 🔥”
नमस्कार। तुम्हारे अंदर एक चीज़ है जो तुम्हें कभी शांत नहीं रहने देती। काम करो। फिर और काम। फिर और काम। Desire होती है। फिर गुस्सा आता है। फिर ईर्ष्या होती है। कभी शांत नहीं होते। क्या है यह शक्ति? सुनो। राज की Ambition राज एक software engineer है। उसका सपना है — बहुत बड़ा […]
सचेतन — 25 “माया — दुनिया की सबसे बड़ी जादू””दुनिया एक जादू है — और तुम फँसे हो! 🌍✨”
नमस्कार। दुनिया एक जादू है। हाँ, जादू। और तुम उसी में फँसे हो। क्या है यह जादू? किसने किया? कैसे खत्म होता है? सुनो। रस्सी और सांप रात को अंधेरा है। एक आदमी सोने जा रहा है। अचानक उसे दिखता है — एक सांप! बेड के पास ही सांप! आदमी चिल्लाता है। भागता है। “बचाओ! […]
🎙️ सचेतन — 23 अहंकार — जो तुम्हें सुख और दुख देता है
नमस्कार। तुम्हारे सारे दुख एक चीज़ से आते हैं। उसका नाम है अहंकार। क्या है अहंकार? और क्यों दुख देता है? सुनो। अमन की जीत अमन एक sports tournament में है। Running competition। वह जीत जाता है। अब क्या होता है? अमन का सीना फूल जाता है। वह सब को बताता है। “मैं ने जीता। […]
जून 1 -2026 सचेतन — 22: “प्राण के धर्म — शरीर की अपनी भाषा है”
नमस्कार। तुम्हारा शरीर अपने आप से काम करता है। तुम्हें करना नहीं पड़ता। यह automatic है। क्या automatic है? सुनो। राज की Hunger राज एक office में बैठा है। Meeting चल रही है। Important presentation दे रहा है। लेकिन अचानक क्या होता है? उसका पेट बोलता है। Gurgling की आवाज़। सब सुनते हैं। राज embarrassed […]
सचेतन — 21: “सूक्ष्म शरीर — तुम्हारे भीतर एक दूसरा शरीर है”
“तुम्हारे पास दो शरीर हैं! एक दिख रहा है, एक नहीं 👻” नमस्कार। तुम्हारे पास दो शरीर हैं। एक जो दिख रहा है।स्थूल शरीर। एक जो नहीं दिख रहा। सूक्ष्म शरीर। क्या difference है? सुनो। राज का सपना राज रात को सोता है। सपने में क्या होता है? राज एक ताज़महल देख रहा है। वो […]
सचेतन —19: “तुम्हारे भीतर 4 शक्तियाँ हैं”
नमस्कार। तुम्हारे भीतर 4 शक्तियाँ हैं। ये अक्सर लड़ती रहती हैं। चलो, समझते हैं। आदित्य आदित्य एक student है। उसके सामने एक सवाल है। Job करूँ या business शुरू करूँ? एक दिन कहता है — “Job सुरक्षित है।” अगले दिन — “नहीं, business करूँ।” फिर — “पहले experience ले लूँ।” ये सप्ताह भर चलता है। […]
सचेतन — 18- दस इन्द्रियाँ — तुम्हें पकड़ रही हैं या तुम उन्हें चलाते हो?
नमस्कार… आज की बात बहुत गहरी है। हमारे पास 10 इन्द्रियाँ हैं। और हर एक… आपको किसी न किसी तरफ खींच रहा है। सवाल यह है — क्या आप इन्हें चला रहे हैं? या ये आपको चला रही हैं? चलिए… समझते हैं। राज का ध्यान राज रोज़ सुबह 5 बजे meditation करता था। शांत कमरा… […]
सचेतन – 18 विवेकचूडामणि — जिस शरीर के लिए पूरी जिंदगी भाग रहे हो… वह आखिर है क्या?”
नमस्कार… एक सवाल… अगर आपका शरीर बदल जाए… चेहरा बदल जाए… उम्र बढ़ जाए… तो क्या “आप” बदल जाएंगे? या सिर्फ शरीर बदलेगा? चलिए… आज की पहली कहानी सुनते हैं। नेहा और झुर्रियाँ नेहा 42 साल की थी। बहुत सुंदर थी। हमेशा से सुंदर रही थी। स्कूल में सबसे सुंदर लड़की। College में सबके crush। […]
