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सचेतन- 46 –आत्मबोध; “मैं” और “मेरा” का भ्रम कब टूटेगा?”

क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है —कोई आपकी बुराई करे तो दिल टूट जाता है…कोई आपकी तारीफ करे तो मन फूल जाता है? क्यों? क्योंकि हम हर चीज़ को “मैं” और “मेरा” से जोड़ लेते हैं। मेरा सम्मान।मेरी सफलता।मेरा परिवार।मेरा विचार। और जब “मेरा” हिलता है…तो भीतर भूचाल आ जाता है। आज आत्मबोध के […]