“कभी आपने कहा है—मुझे भूख लगी है…मुझे डर लग रहा है…मैं बहुत खुश हूँ…मुझे गुस्सा आ रहा है… लेकिन कभी आपने खुद से पूछा—ये सब महसूस कौन कर रहा है? क्या आत्मा को भूख लगती है?क्या आत्मा डरती है?या ये सब किसी और से आ रहा है?” पञ्चप्राणमनोबुद्धिदशेन्द्रियसमन्वितम्। अपञ्चीकृतभूतोत्थं सूक्ष्माङ्गं भोगसाधनम्॥ सरल अर्थ हमारे अंदरसाँस, […]
