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सचेतन — 41 “पाँच परतें — जो आपको आपसे छिपाए हुए हैं”

नमस्कार। पिछली बार आपने सीखा — विवेक की तलवार क्या है। आज उस तलवार को चलाने का समय है। लेकिन चलानी कहाँ है? उन पाँच परतों पर, जो आपकी चेतना को ढके हुए हैं। शास्त्र इन्हें कहते हैं — पंचकोश। यानी पाँच परतें। पाँच पर्दे। आज हम एक-एक पर्दा हटाएँगे। और देखेंगे कि पीछे कौन […]