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सचेतन — 42 “शरीर — देखी जाने वाली चीज़ है, देखने वाला नहीं”

नमस्कार। पिछली बार आपने विचार सुना की  — “मैं अगर शरीर हूँ” — तो यही सोच सारे दुख की जड़ है। आज एक कदम और गहरे चलते हैं। आज हम यह देखेंगे — शरीर आखिर है क्या? और यह भी — आप शरीर क्यों नहीं हो सकते? आज कोई कहानी-किस्सा नहीं, सीधी-सीधी समझ की बात। […]