नमस्कार। पिछली बार आपने विचार सुना की — “मैं अगर शरीर हूँ” — तो यही सोच सारे दुख की जड़ है। आज एक कदम और गहरे चलते हैं। आज हम यह देखेंगे — शरीर आखिर है क्या? और यह भी — आप शरीर क्यों नहीं हो सकते? आज कोई कहानी-किस्सा नहीं, सीधी-सीधी समझ की बात। […]
नमस्कार। पिछली बार आपने विचार सुना की — “मैं अगर शरीर हूँ” — तो यही सोच सारे दुख की जड़ है। आज एक कदम और गहरे चलते हैं। आज हम यह देखेंगे — शरीर आखिर है क्या? और यह भी — आप शरीर क्यों नहीं हो सकते? आज कोई कहानी-किस्सा नहीं, सीधी-सीधी समझ की बात। […]