नमस्कार। आज हम एक यात्रा के पड़ाव पर पहुँचे हैं। पिछली कड़ियों में आपने सीखा — शरीर क्या है। “मैं शरीर हूँ” — इस सोच से दुख कैसे आता है। और तीन तरह के लोग कौन हैं। अब आखिरी कदम। और यह कदम बहुत सरल है। बस एक काम — “मैं शरीर हूँ” वाली सोच […]
नमस्कार। आज हम एक यात्रा के पड़ाव पर पहुँचे हैं। पिछली कड़ियों में आपने सीखा — शरीर क्या है। “मैं शरीर हूँ” — इस सोच से दुख कैसे आता है। और तीन तरह के लोग कौन हैं। अब आखिरी कदम। और यह कदम बहुत सरल है। बस एक काम — “मैं शरीर हूँ” वाली सोच […]