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सचेतन- 48 वेदांत सूत्र: “दम: इंद्रियों का स्वामी बनने की कला”

नमस्कार साथियो, आज हम बात करेंगे षट्सम्पत्ति के दूसरे सुंदर गुण—दम (Dama) के बारे में।दम का साधारण अर्थ है—इंद्रियों पर नियंत्रण,पर वेदांत में इसका मतलब इससे कहीं गहरा है। इंद्रियाँ हमें कहाँ खींचकर ले जाती हैं? हमारी पाँच ज्ञानेंद्रियाँ—आँखें, कान, नाक, जीभ और त्वचा—हर पल हमें दुनिया की ओर खींचती रहती हैं। ● कोई स्वादिष्ट […]

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सचेतन- 46 वेदांत सूत्र:  🌼 “आत्म-साक्षात्कार का मार्ग और षट्सम्पत्ति की तैयारी”

सचेतन सुनने वाले सभी साथियों को मेरा प्रणाम।आज हम बात करेंगे—आत्म-साक्षात्कार, यानी अपने असली स्वरूप को पहचानने की यात्रा के बारे में।वेदांत इसे मानव जीवन की सबसे सुंदर और सबसे सच्ची खोज कहता है। हम सब अपने जीवन में बहुत कुछ खोजते हैं—सुख, शांति, सफलता, मान-सम्मान…लेकिन धीरे-धीरे एक सवाल भीतर उठता है—“मैं सच में कौन […]