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सचेतन- 14:  आत्मबोध की यात्रा – जब आप सोते हैं, तब आप क्या होते हैं?

“कल रात आप सोए थे…ना कोई विचार था,ना कोई चिंता,ना कोई डर,ना कोई पहचान। लेकिन सुबह उठकर आपने कहा—‘मैं बहुत अच्छी नींद सोया।’ अब ज़रा सोचिए—जब सब कुछ सो गया था,तब यह ‘मैं’ कौन था जो नींद का अनुभव कर रहा था?” अनाद्यविद्यानिर्वाच्या कारणोपाधिरुच्यते। उपाधित्रितयादन्यमात्मानमवधारयेत्॥ बहुत सरल अर्थ  जो अज्ञानशुरुआत से चला आ रहा है,जिसे […]