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सचेतन- 50 वेदांत सूत्र: तितिक्षा — सुख–दुःख को शांति से सहने की सरल कला

“जीवन में सब कुछ मिलता है—कभी सुख, कभी दुख।कभी सम्मान, कभी अपमान।कभी गर्मी, कभी ठंड। ये सब बदलते रहते हैं…लेकिन एक चीज़ हमेशा आपके हाथ में है—आपका मन कितना शांत रहता है। Vedanta इस शांति को तितिक्षा कहता है—यानि सहनशीलता, परिस्थितियों को शांत मन से संभालने की कला।” छोटी-सी कहानी  एक व्यक्ति रोज़ ऑफिस जाते […]

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सचेतन- 48 वेदांत सूत्र: “दम: इंद्रियों का स्वामी बनने की कला”

नमस्कार साथियो, आज हम बात करेंगे षट्सम्पत्ति के दूसरे सुंदर गुण—दम (Dama) के बारे में।दम का साधारण अर्थ है—इंद्रियों पर नियंत्रण,पर वेदांत में इसका मतलब इससे कहीं गहरा है। इंद्रियाँ हमें कहाँ खींचकर ले जाती हैं? हमारी पाँच ज्ञानेंद्रियाँ—आँखें, कान, नाक, जीभ और त्वचा—हर पल हमें दुनिया की ओर खींचती रहती हैं। ● कोई स्वादिष्ट […]