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सचेतन- 34 तैत्तिरीय उपनिषद् आत्मसंयम और ब्रह्मा

विषय: आत्मसंयम — भीतर की शक्ति नमस्कार दोस्तों!आप सुन रहे हैं “सचेतन यात्रा” — जहाँ हम उपनिषदों की गहराई से जीवन के सरल सत्य खोजते हैं।आज का विषय है — “आत्मसंयम — भीतर की शक्ति।” क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी ज़िंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई कहाँ होती है?कहीं बाहर नहीं… बल्कि अपने ही […]

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सचेतन- 33 तैत्तिरीय उपनिषद् आत्मसंयम और ब्रह्मा

नमस्कार मित्रों,आज हम बात करेंगे उपनिषदों के तीन अमूल्य रत्नों की —सत्य, आत्मसंयम, और आनंद की।ये तीनों हमारे जीवन को भीतर से उजाला देते हैं।उपनिषद् हमें बताते हैं —सच्चा सुख न बाहर है, न वस्तुओं में,बल्कि हमारे भीतर की शांति और सत्य में है। 1. सत्य — जीवन का दीपक  उपनिषद् कहते हैं — “सत्यमेव […]