षट्संपत्ति को छः खजाने भी कहा जाता है—ये साधना को स्थिर करने की ताकत देते हैं: ये छह गुण साधक को भीतर से मजबूत बनाते हैं। (और यह गुण बचपन से बड़े होने तक कैसे बदलता है) नमस्कार साथियो, आज हम षट्संपत्ति के तीसरे गुण—उपरति (Uparati) की बात करेंगे।उपरति का अर्थ है—अनावश्यक चीज़ों से स्वाभाविक […]
